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हैदराबाद नगर निगम चुनाव में TRS की भारी जीत

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टीम : Noida

Date : Friday, 5 February, 2016


न्यू खबर, noida

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तेलंगाना में सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) चुनाव में भारी जीत दर्ज की है. चुनाव परिणाम शुक्रवार को घोषित किया गया.

पार्टी ने 150 सदस्यीय नगर निगम में कम से कम 100 सीटें या तो जीत ली है या फिर इन पर बढ़त बनाए हुए है. इस संकेत से मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और तेलुगू देशम पार्टी-भारतीय जनता पार्टी (तेदेपा-भाजपा) गठबंधन का लगभग सफाया हो गया है.

शाम छह बजे तक के परिणामों के अनुसार, टीआरएस 83 सीटें जीत चुकी थी, और 17 अन्य सीटों पर आगे चल रही थी. इससे यह स्पष्ट हो गया है कि टीआरएस का अपना पार्षद मेयर बनेगा. इसके पहले 2009 के चुनाव में टीआरएस ने हिस्सा नहीं लिया था.

टीआरएस का यह एक उल्लेखनीय प्रदर्शन है, जिसने हैदराबाद में अपनी प्रासंगिकता साबित कर दिया है. हैदराबाद इस समय तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की संयुक्त राजधानी है.

टीआएस ने पृथक तेलंगाना राज्य के आंदोलन का नेतृत्व किया था, और अलग राज्य बनने के बाद हुए प्रथम चुनाव में उसने जीत दर्ज करके राज्य में पहली सरकार बनाई है. लेकिन पार्टी जीएचएमसी के दायरे में आने वाली 24 विधानसभा सीटों में से मात्र दो पर जीत दर्ज करा पाई थी.

मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) ने हैदराबाद के पुराने शहर का अपना गढ़ बचा लिया है. फिलहाल एमआईएम 30 सीटें जीत चुकी है, और दो अन्य सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीन सीटें जीती है और उसकी सहयोगी तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) मात्र एक सीट जीत पाई है. तेलंगाना में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी एक सीट पर जीत दर्ज कर पाई है. 149 सीटों के लिए हुए मतदान के लिए मतगणना हैदराबाद और सिकंदराबाद में 24 स्थानों पर शुरू हुई. मंगलवार को 150 सीटों पर हुए मतदान में कुल 45.27 प्रतिशत वोट पड़े थे.

जीएचएमसी के अनुसार, कुल 74,23,980 मतदाताओं में से 33,60,543 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. पुराने शहर के पुरानापुल सीट पर मतदान के दौरान गड़बड़ी और हिंसक घटनाओं की शिकायत के बाद वहां दोबारा मतदान के आदेश दिए गए थे.

टीआरएस ने सभी 150 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे, जबकि कांग्रेस ने 149 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. तेदेपा ने 90 उम्मीदवार खड़े किए थे और भाजपा 60 उम्मीदवार उतारे थे. एमआईएम ने 63 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे. पृथक तेलंगाना राज्य बनने के बाद जीएचएमसी का यह पहला चुनाव था.

इसके पहले जीएचएमसी में टीआरएस का कोई प्रतिनिधि नहीं था. जबकि कांग्रेस और एमआईएम 2009 के चुनाव में जीत के बाद संयुक्त रूप से निगम में सत्ता में थे. प्रथम जीएचएमसी में कांग्रेस के पास 52 सीटें और एमआईएम के पास 43, तेदेपा के पास 45 और भाजपा के पास पांच सीटें थीं.

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