--%> हरियाणा मे दिसम्बर 2018 मे विधानसभा चुनावो की खबरों के बीच काँग्रेस ने टिकट आवेदकों को सोशल मीडिया के लिये गाईडलाईन जारी की

हरियाणा मे दिसम्बर 2018 मे विधानसभा चुनावो की खबरों के बीच काँग्रेस ने टिकट आवेदकों को सोशल मीडिया के लिये गाईडलाईन जारी की

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टीम : Newkhabar News Team

Date : Tuesday, 15 August, 2017


न्यू खबर, New Delhi

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चुनाव आयोग 2019 की जगह 2018 में हरियाणा और राजस्थान मे विधानसभा और लोकसभा चुनाव एकसाथ करवाने की योजना में है। इस आशंका को देखते हुये सभी पार्टियो ने कमर कसली है। आजकल टिकट वितरण के तरीको में जमीन आसमान का फर्क आ गया है। सिर्फ ग्रास रूट लेवल पर ही नहीं बल्कि आजकल सोशल मीडिया पर फॉलोवर्स​ ( Followers) , लाइक (Likes) और क्रियाशीलता (Activeness) बहुत मायने रखते है। शायद इसलिए ही सूत्रो के हवाले से आ रही खबरे बताती है की काँग्रेस आला कमान ने निर्देश दिये है की टिकिट की दावेदारी कर रहे उम्मीदवार के सभी पहलुओ को ध्यान मे रखा जाये। इसके लिए पार्टी ने विधानसभा मे सोश्ल मीडिया पर 25 हजार फॉलोवर्स ( Followers) और लोकसभा चुनाव के लिए 50 हजार फॉलोवर्स ( Followers) को मापदंड बनाया है। इसका मतलब यह भी है की जब भी चुनावो की घोषणा होती है तब टिकट के दावेदारों के पास ना ज़्यादा समय होगा ना ही कोई विकल्प जो वो अपने जनाधार को ज़्यादा बड़ा-चड़ा कर दिखा सके और कुशल और योग्य ऊमीद्वार को ही टिकट वितरित की जायेगी। इससे कई बड़े उथल पुथल हो सकते है क्योंकि कई दिग्गज नेता और विधायक और सांसद की सोश्ल मीडिया उपस्थिती कुछ खास नहीं है। अब यह मुद्दा दिलचस्म होता जा रहा है।

चुनाव के रणनीतिकार द्वारा इस बार प्रत्याशियों का चयन किया जायेगा। उनके द्वारा इस बार कांग्रेस उम्मीदवारों से उस विधानसभा के सभी बूथों पर एक एक प्रभारी का नाम, मोबाइल नंबर, घर का पता मांगा गया है, जो उस ​बूथ में अच्छी पकड रखता हो और कांग्रेस का बफादार सिपाही हो। ये सब आंकडें जुटाने के बाद हर विधानसभा सीट पर दो से तीन उम्मीदवारों के आवेदन जिला व शहर कांग्रेस कमेटी को जमा किये जायेगे।
  
इस बात का सबसे ज़्यादा प्रभाव विकसित राज्य जैसे हरियाणा और राजस्थान पर पड़ेगा क्योंकि समय के साथ सोशल मीडिया के उपयोगकर्ताओं मे इन राज्यों मे ख़ासी वृद्धि हुई है। एक तरफ जहाँ नेताओ मे इस खबर से खलबली मची हुई है वही आम जनता को इससे सही पार्टी उम्मीदवार चुनने का पहली बार मोका मिलेगा जोकि अबतक सिर्फ क्षेत्र मे पार्टियो द्वारा घोषित उम्मीदवार मे से किसी एक उम्मीदवार को चुनने तक सीमित था। इससे भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को ओर भी बल मिलेगा और भारतीय नागरिकों मे देश की व्यवस्था में भागेदारी बड़ेगी। 

काँग्रेस द्वारा की जा रही इस पहल का असर बाकी पार्टीयो की चयन प्रक्रिया पर भी पड़ेगा। राजनीतिक​ जानकारो का मानना है की इस विधानसभा मे सोशल मीडिया पर 25 हजार फॉलोवर्स​ ( Followers) और लोकसभा चुनाव के लिए 50 हजार फॉलोवर्स ( Followers) की जो शर्त पार्टी ने रक्खी है इसे इन चुनावो का कम से कम मापदंड मान लेना चाहिये। इस पहल का सभी बड़े नेताओ ने स्वागत किया है। ऐसा माना जा रहा है की आने वाले चुनाव सोशल मीडिया के चुनाव होगे, जो एक तकनीकी रूप से सक्षम उभरते भारत की नई तस्वीर होगे।

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